Bhartiya Parmapara

कुंडली मिलान | विवाह के लिए गुण मिलान क्यों म...

गुण मिलान का शाब्दिक अर्थ है दो लोगों के स्वभाव और स्वभाव का मेल। यह विधि मैच मेकिंग तक सीमित नहीं है। व्यापार सहयोगियों, परिवार के सदस्यों या अपने दोस्तों की अनुकूलता की जांच करने के लिए गुण मिलान भी किया जा सकता है। एक आम आदमी की भाषा में यह एक अनुकूलता परीक्षा है ज...

ज्योतिष की विभिन्न विधाये और राजा सवाई जयसिंह...

जयपुर शहर के संस्थापक महाराजा सवाई जयसिंह जी ज्योतिष, खगोल शास्त्र, अंतरिक्ष विज्ञान एवं वास्तुशास्त्र के विशेषज्ञ थे।  उनके शासन काल में इन विषयों पर अनेको ग्रंथो की रचना की गयी। उनके द्वारा ग्रहों, नक्षत्रों एवं अन्य आकाशीय पिण्डों के अध्य्यन ह...

कुंडली चार्ट में घरों की बुनियादी समझ

ज्योतिष को ठीक से समझने के लिए जन्म कुंडली के घरों की बुनियादी समझ होनी चाहिए। ज्योतिषीय चार्ट बनाने के कई तरीके हैं, यहां हम उत्तर भारतीय हीरा चार्ट पर चर्चा करेंगे। यह चार्ट उत्तर भारत में लोकप्रिय है जैसा कि नाम से पता चलता है और यह वैदिक ज्योतिष के बारे में बात कर...

भारतीय वैदिक ज्योतिष का प्रचलन

भारतीय वैदिक ज्योतिष में वैदिक ज्योतिष का प्रचलन बराहमिहिर के समय में ही हो चुका था। जिसमे ज्योतिष के विभिन्न पहलुओं का विस्तार हुआ है। जिसके द्वारा राशि ग्रह नक्षत्रों के फल कथनों का वर्णन भी मिलता है। भारतीय ज्योतिष को दूसरे शब्दों मे हिन्दू ज्योतिष या वैदिक ज्योतिष...

मैच बनाने की मूल बातें (विवाह और ज्योतिष)

विवाह और ज्योतिष दो ऐसे विषय हैं जो अधिकांश भारतीय घरों में हाथो - हाथ लिए जाते हैं। विवाह परिवार की शुरुआत है और एक आजीवन प्रतिबद्धता है, जबकि ज्योतिष प्राचीन भारत का एक भविष्यवाणी विज्ञान है।

ज्योतिष शास्त्र | शनि न्याय प्रिय ग्रह क्यों...

ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत सौर जगत के सात ग्रह मानव जीवन को प्रभावित करते हैं, जिनके आधार पर गणना करके फला देश किया जाता है। यह ग्रह है -सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि। मानव के आंतरिक व्यक्तित्व को शुक्र बुध और सूर्य प्रभावित करते हैं बाह्य व्यक्तित्व को...

भारतीय वैदिक ज्योतिष का संक्षिप्त परिचय

भारत में वैदिक काल से ही ज्योतिषीय गणनाओं का प्रयोग होता रहा है। वैदिक ऋषियों ने यद्यपि इसे अधिक उपयोगी व सारगर्भित बनाते हुए काल गणना के क्रम का निरधारण सूर्य व चंद्रमा की गतियों के द्वारा किया। वैदिक यज्ञों की सम्पन्नता हेतु शुभ समय का निर्धारण व समाजिक जीवन के तिथि...

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