भारतीय परम्परा

योगिता जी सदानी

Yogita Sadani
योगिता जी सदानी

मैं पुणे (हिवरखेड़) की योगिता सदानी हूं। मैंने गवर्नमेंट विदर्भ इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज, अमरावती से सांख्यिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। मुझे अध्यापन के आँकड़ों का कुल 14 वर्षों का अनुभव है, व्याख्याता (HOD) के रूप में 6 वर्ष। इसके बाद B.Sc., BBA, MBA, IIIE इत्यादि के लिए सांख्यिकी के अपने स्वयं के वर्ग चलाने के लिए विश्लेषण करने और PHD के लिए थीसिस तैयार करने के लिए समर्थन।

लेखन कला के बारे में कहना चाहु तो मैं अपने कॉलेज के समय से ही थोड़ा थोड़ा लिख लिया करती थी । फिर बीच का कुछ समय ऐसा गया की जैसे भूल ही गई कि मुझे लिखना भी आता है ।पर कहते हैं ना जहाँ चाह वहाँ राह ! अपने अंदर जो प्रतिभा है, उसे कभी ना कभी तो सामने आना ही हैं। उस पर भी अपनो का साथ और प्रेरणा मिल जाए तो सोने पे सुहागा! और हाँ अपने मन की बात को तो अपनी भाषा में रख ने का भी अपना अलग ही आनंद हैं।
धन्यवाद!

maheshwari samaj

मैं माहेश्वरी

कहते हैं माहेश्वरीयों की उत्पत्ति भगवान महेश (शिवजी) और माता पार्वती के आशीर्वाद से हुई है। कुछ लोग तो माहेश्वरी यों को भगवान शिवजी के वंशज भी कहते हैं। यह सुनते ही शरीर, आत्मा में एक सकारात्मक शक्ति का जैसे संचार हो जाता है। मेरा तो मानना यह है कि ऐसा हो भी सकता है क्योंकि बहुत सारे बल्कि सबसे ज्यादा अच्छे गुणों की झलक हमें माहेश्वरी यों (मारवाड़ी यों) में दिखाई देती हैं।





vatt savitri vrat

वट सावित्री व्रत

हिंदू संस्कृति में अनेको तीज-त्योहार, परंपराएं है जो हमें प्रकृति से एवं निसर्ग से जोड़े रखती हैं। पशु-पक्षी, पेड़-पौधे इन को भगवान का दर्जा दिया गया है। जैसे नागपंचमी (सांप की पूजा), पोळा (बैलों की पूजा), वसुबारस या बछ बारस (गाय- बछड़े की पूजा), तीज गुड़ी पाड़वा (नीम और आम के पत्तों का महत्व), दशहरा (शमी वृक्ष के पत्ते), वटपौर्णिमा (वड या बरगद के पेड़ की पूजा)। हर सुहागन महिला अपने पति के दीर्घायु के लिए वट सावित्री का व्रत करती है।





lord vitthal

पंढरपुर की 'वारी'

आषाढी एकादशी (देव शयनी एकादशी) के दिन महाराष्ट्र के चंद्रभागा नदी के तट पर बसे हुए पंढरपुर में यह महायात्रा होती है। इस यात्रा में महाराष्ट्र के कोने-कोने से और बाहर से भी लोग आते हैं। किसी भी जाति या धर्म का कोई बंधन नहीं, जिसके मन में भक्ति भाव हो वह हर इंसान इस यात्रा का हिस्सा बन सकता है।पंढरपुर के भगवान विट्ठलनाथ से मिलने के लिए लोग अपने घर से पैदल यात्रा करने के लिए निकलते हैं उसे 'वारी' कहते हैं और उन लोगों को 'वारकरी'।





importance of gudi padwa

गुढी पाडवा

गुढी पाडवा, चैत्र शुद्ध प्रतिपदा इस तिथि को मनाया जाने वाला त्यौहार है इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर अभ्यंग स्नान किया जाता है। फिर घर की सफाई करके रंगोली बनाई जाती है। सामने दरवाजे पर फूल और आम के पत्ते का तोरण और विजय पताका बांधी जाती हैं। ऊंचे बांबू को पानी से साफ करके उसकी पूजा करके गुढी तैयार की जाती है। गुढी में ऊपर रेशमी कपड़ा या साड़ी पहनाई जाती है। कडूनीम की डाली, आम के पत्ते, फूलों का हार और शक्कर की गाठी की माला उसमें लगाई जाती है। उसके ऊपर तांबे का कलश स्वस्तिक बनाकर उल्टा रखा जाता है।

Mahadev

महाशिवरात्रि

हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है, किंतु यह माना जाता है कि फाल्गुन के कृष्ण चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि सबसे बड़ी होती है।इसलिए इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। हिंदू पुराणों के अनुसार इस तिथि को भगवान शिव के मूलभौतिक स्वरूप याने शिवलिंग का प्राकट्य हुआ था। इस कारण से महाशिवरात्रि को शिवलिंग की विशेष रूप से पूजा- अभिषेक इत्यादि की जाती है।





Happy Women Day

हर दिन महिला दिन

भारतीय संस्कृति एक पौराणिक संस्कृति है। बड़े लंबे समय से चली आ रही इस संस्कृति में अनेकानेक सशक्त महिलाओं के बारे में हमने कथाओं में सुना है। वह सिर्फ पाककला में ही नहीं बल्कि विद्याध्ययन एवं युद्ध कौशल में भी पारंगत थी। उदाहरण के तौर पर द्रोपदी, रुक्मिणी केकैयी और भी बहुत ...

33-koti Devi Devta

33 कोटी देवी देवता

हिंदू धर्म में 33 कोटि देवी देवताओं का वर्णन है। परंतु 33 कोटी का अर्थ 33 करोड़ नहीं बल्कि 33 उच्च कोटि (प्रकार) के देवी देवता। देव अर्थात दिव्य गुणों से युक्त, जिनमें 12 आदित्य, 11 रूद्र, 8 वसु और 2 अश्विनी कुमार है।
12 आदित्य - 12 आदित्य हमें हमारे सामाजिक जीवन के 12 भागों एवं वर्ष के 12 माह के विषय में दर्शाते हैं।





Importance of 16 Sanskar

हिंदू संस्कृति के 16 संस्कार

हिंदू संस्कृति में मनुष्य की आयु, आरोग्य, सुख और समृद्धि बढ़ाने के लिए वेदों में 16 संस्कार बताए गए हैं। शरीर, मन और मस्तिष्क को पवित्र करने के लिए यह संस्कार किए जाते हैं। क्रमशः सोलह संस्कार संक्षिप्त में नीचे दिए गए हैं।
१) गर्भाधान संस्कार - उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए, होने वाले माता-पिता को गर्भाधान से पूर्व अपने तन और मन की पवित्रता के लिए यह संस्कार करते हैं।

Diwali Festival

दिवाली - रामा सामा

'दिवाली' का पर्व हर्षोल्लास का पर्व है। हर कोई इसका बडे़ ही बेसब्री से इंतज़ार करता है। चाहे नए कपड़े लेने हो या कोई जेवर, घर मे कोई चीज लानी हो या करना हो रीनोवेशन, एक ही जवाब मिलता है, दिवाली मे करेंगे। 'दीपावली' उत्साह और ऊर्जा से भरा, असंख्य दियो का खुशियों भरा त्यौहार है।





Hindi Day

हिंदी दिवस

आज है हिंदी भाषा दिवस, हिंदी भाषा - राष्ट्र भाषा
नाज़ है हमें अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और राष्ट्र पे
हिंदी हैं हमारी शान, हिंदी से हैं हिंदुस्तान,
हिंदी से ही तो हैं, हमारी भावनाओं में जान।

Teacher Day

शिक्षक दिवस

विश्व में अनेको देशों में अलग अलग दिन यह दिवस मनाया जाता है । परंतु भारत में यहाँ के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पाँच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है





Mahalaxmi

महाराष्ट्र की *महालक्ष्मी*

महाराष्ट्रियन महिलाओं के लिए गणपति के दिनो में आनेवाला एक और महाउत्सव है वो है ‘महालक्ष्मी’! कहते है महालक्ष्मी ने महिलाओं के सुहाग की रक्षा करने के लिए असुरों का नाश किया था। इसीलिए उनको ‘सुहागिन के सौभाग्य’ (सावशन्यांच्या सौभाग्याची) की गौरी भी कहा जाता हैं। दो बहने ‘जेष्ठा और कनिष्ठा’ बच्चों के साथ अपने मायके में आती है यह इसके पीछे की संकल्पना हैं।





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