त्योहार
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष तृतीया का हमारे सनातन धर्म मे विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया अर्थात आखा तीज का दिन बहुत शुभ होता। अक्षय तृतीया को सर्व सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि यह दिन इतना शुभ है कि बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्र...
हमारी भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्म में एकादशी या ग्यारस एक महत्वपूर्ण तिथि है। हिंदू धर्मालम्बी श्रद्धा और निष्ठा के साथ एकादशी का व्रत करते हैं। एकादशी एक देवी थी, जिन्हे भगवान विष्णु के द्वारा प्रकट किया था। इसके कारण ही एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा होत...
नवसंवत्सर का जुड़ाव हमारी प्रकृति से है, सृष्टि से है, ऋतुओं से है, जीवों से है, जीवमण्डल से है और धरती से है। ऋतु परिवर्तन प्रकृति का चक्र है। ऋतु का अर्थ है, जो सदा चलता रहे। यह लय और गति हमें संदेश देती है कि वर्षभर नए नूतन परिवर्तन की ओर सतत अग्रसर रहें। गति का जी...
वैदिक सनातन संस्कृति एक ऐसा विशाल वट वृक्ष है, जिसकी शाखाओं - प्रशाखाओं के रूप में संस्कृति के विभिन्न रंगों की झलक मिलती है। इसमें विभिन्न पर्वों का महत्व, ज्ञान-विज्ञान एवं प्राकृतिक परिवेश के रूप में दृष्टिगोचर होता है। हमारे ऋषि - मुनियों ने समाज के सर्वोत्तम एवं...
माँ सरस्वती की आरती विद्या, ज्ञान और बुद्धि की आराधना का पावन माध्यम है।
यह आरती विद्यार्थियों, शिक्षकों और ज्ञान साधकों के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
आरती के माध्यम से माँ सरस्वती से सद्बुद्धि और विवेक की कामना की ज...
रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, भारतीय जनमानस का भावनात्मक दस्तावेज भी है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसकी रचना भक्तिभाव से की, परंतु इसमें जीवन के विविध रंग उपस्थित हैं। भक्ति, प्रेम, वीरता, करूणा और कम चर्चित पर उतने ही प्रभावी हास्य और व्यंग्य के प्रसंग भी रामकथा म...
हमारे शास्त्रों में लिखा है कि कभी भी उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। इससे हमारी आयु घटती है क्योंकि दक्षिण की ओर पांव केवल मृत व्यक्ति के ही किये जाते हैं। अतः हमें हमेशा दक्षिण में सिर करके सोना चाहिए। इसका कारण है कि पृथ्वी का उत्तर ध्रुव चुम्बकत्व का प्रभ...
ज्योतिष को ठीक से समझने के लिए जन्म कुंडली के घरों की बुनियादी समझ होनी चाहिए। ज्योतिषीय चार्ट बनाने के कई तरीके हैं, यहां हम उत्तर भारतीय हीरा चार्ट पर चर्चा करेंगे। यह चार्ट उत्तर भारत में लोकप्रिय है जैसा कि नाम से पता चलता है और यह वैदिक ज्योतिष के बारे में बात कर...
वैदिक संस्थाएँ: सभा और समिति
वैदिक काल में सभा (वृद्धजनों की परिषद) और समिति (सामान्य जनसभा) जैसी संस्थाएँ सामूहिक निर्णय का माध्यम होती थीं। ये प्रारंभिक लोकतांत्रिक स्वरूप थे, जहाँ नीतिगत विमर्श होता था। इस प्रकार लोकतांत्रिक मूल्यों की जड़ें वैदिक काल में...
भारत विज्ञान और अध्यात्म—दोनों क्षेत्रों में सदैव श्रेष्ठ रहा है और विश्व गुरु कहलाया है। आज वैज्ञानिक युग के बदलते संदर्भ में हमें अध्यात्म और विज्ञान की व्याख्या करते हुए दोनों के अंतःसूत्रों को पहचानना होगा और उन मूल्यों व परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाना होगा,...
ज्ञान, संस्कार और आदर्श की भूमि 'भारत', एक ऐसी पावन धरा, जहाँ जन्मे अनेकों महाविभूतियाँ आज विश्वभर के लिए प्रेरणा के स्तोत्र है। ऐसे ही एक दिग्गज हैं, डॉ. विक्रम साराभाई। प्रख्यात उद्योगपति अम्बालाल साराभाई के बेटे विक्रम अम्बालाल साराभाई (12 अगस्त 1919 – 30 दिस...
देश को अँग्रेजों से मुक्ति दिलाने के लिए जिन वीर सपूतों ने अपना बलिदान दिया, उनमें अमर बलिदानी हेमू कालाणी का नाम चिरस्मरणीय है। मात्र 19 वर्ष की आयु में वे बलिदान हो गए थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी हेमू कालाणी (हेमनदास कालाणी) का जन्म 23 मार...
1/4 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चुटकी नमक, 2-3 बूंद सरसों का तेल लें, सबको अच्छी तरह मिलाएं और प्रतिदिन दांतों और मसूड़ों पर धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दांत सफेद और मसूड़े मजबूत हो जाते हैं।
1/2 kg नारियल का तेल और 50 ग्राम करी पत्ते (मिठा नीम), दोनों को 5 मिनट साथ उबालें और फिर तेल को ठंडा होने दें। फिर उस तेल को छान कर एक बोतल में भरदे। सप्ताह में दो बार मालिश करें। बाल मजबूत होंगे और चमकदार भी बनेंगे।
हरे धनिये के पत्तों को कूटकर इसका रस निकाल ले और दिन में 1 बार इस रस की 2-3 बूंदे आँखों में डालते रहे। इससे आँखों की जलन और खुजली ठीक हो जाती है। आँखों में जलन और खुजली नहीं होने पर भी सप्ताह में 1-2 बार इस रस को आँखों में डालने पर आँखे साफ रहती है।
शरीर पर दाद को जड़ से हटाने का रामबाण नुस्खा।
लहसुन को जला ले अब उसकी राख (भस्म) को शहद में मिला कर दाद पर दिन में 2-3 बार लगा ले।
पकौड़े बनाते समय अगर उसके घोल में एक चमच्च सूजी या एक-चुटकी अरारोट और थोडा गर्म तेल मिला दिया जाये तो पकौडें अधिक कुरकुरे और टेस्टी बनते हैं।
बरसात के दिनों में मसाले खराब होने लगते हैं इसीलिए मसालों को बचाने के लिए मसालों को कांच के जार में रखें और इसमें थोड़ा सा नमक मिला दे। नमक मिलाकर आप मसालों को काफी दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं । इससे मसालों में जाले नहीं पड़ेंगे। पर आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि...
मील का पत्थर हासिल करने के लिए: छोटे लक्ष्य बनाएं और उन्हें पूरा करके बड़े मकाम तक पहुंचें। साथ में सफलता की ऊंचाइयों की ओर एक कदम एक कदम बढ़ें।
अब वो समय नही रहा है जिसमे सिर्फ किताबी ज्ञान के भरोसे बेहतर करियर, नौकरी या उच्च पद की उम्मीद की जा सकती है। अब समय बदल गया है अब किताबी कीड़ा बनकर या डिग्रीयों का ढेर लगाकर करियर निर्माण नही किया जा सकता है। अगर आप अपने करियर को बेहतरीन बनाना चाहते है तो आपको अपने अ...
अगर हम नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो इससे हमें अधिक फ़ायदे होंगे। क्योंकि, योगासनों से शरीर में लचीलापन एवं स्फूर्ति तो बढ़ती ही है, साथ ही हृदय और फेफड़ों की कार्य क्षमता भी सुधरती है।
योग एक प्राचीन विज...
सरल अवधि में पायी गयी सफलता हमारे लक्ष्य को प्राप्त कर रही है। इसका अर्थ हमारे उद्देश्य को पूरा करना भी हो सकता है, पूर्व-निर्धारित मापदंडों पर हमारे उद्देश्य जो हमारे स्वयं द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं या दिए जा सकते हैं। पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन दोनों में सफलता...
– एक मिट्टी के पात्र या मटके में नीचे और चारों तरफ थोड़ी दूरी से छेद करें।
– उसमें सूखे पत्ते और अखबार की कतरन डालकर ऊपर मिट्टी डाले।
– उसके बाद उसमें घर से निकलने वाला सब्जी और फलों के छिलके (बारीक काटकर), चाय की पत्ती (सुखाकर) एवं मंदिर में च...
राजस्थान को राजा-महाराजाओं की भूमि के तौर पर जाना जाता है। राजस्थान को पहले “राजपुताना” कहते थे। हर साल 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया जाता है। राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा राज्य, अपनी समृद्ध संस...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पूर्व लगभग 272 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर नगर आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। गोरखपुर छठी शताब्दी ईसा पूर्व सोलह महाजनपदों में से एक अंग था। माना जाता है कि चन्द्र वंश न...
उत्तर प्रदेश के सरयू नदी के तट पर बसी है अयोध्या नगरी। कहते हैं कि अयोध्या यह शब्द "अयुद्ध" से बना है। अथर्ववेद में अयोध्या को ‘ईश्वर का नगर’ बताया गया है। कुछ विद्वानों के अनुसार प्राचीन काल में या रामायण...
साहित्यिक एवं आध्यात्मिक
संग्रह
;