Bhartiya Parmapara

सनातन संस्कृति में व्रत और त्योहारों के तथ्य

हिंदू संस्कृति में पशु पक्षी वनस्पति जीव जंतु प्रकृति नदियां शैल शिखर सभी से आत्मीय संबंध जोड़ने का प्रयास किया था। व्रत उपवास और भारतीय त्योहार हमारी संस्कृति के मूल आधार है यही कारण है कि हमारी संस्कृति में अपना महत्वपूर्ण और विशेष स्थान रखते हैं। भारत ही एक ऐस...

सनातन संस्कृति में उपवास एवं व्रत का वैज्ञानि...

भारत में उपवास एवं व्रत विशेष महत्व रखते हैं तथा इन्हें रखने की परंपरा साधु-संतों, ऋषि-मुनियों से लेकर ब्रह्मचारी तथा गृहस्थ नर-नारियों में बहुत पुरानी है। सनातन संस्कृति में इन्हें आध्यात्मिक उन्नति और बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए तथा ग्रहों को अनुकूल...

राम राज्य की सोच

राम-राज्य यानी सुशासन का प्रताप ये है कि कोई किसी का शत्रु नहीं है, सभी जन मिल-जुलकर रहते हैं। सामान्य जनमानस शारीरिक, मानसिक और दैविक विकारों से मुक्त हो चुका है। सभी स्वस्थ हैं, राम-राज्य में किसी की अल्प मृत्यु नहीं होती। कोई निर्धन नहीं, कोई दुखी नहीं, कोई अशिक्षि...

बात प्रेम की

बात प्रेम की .....

बसन्त ऋतु में प्रकृति ने प्रेम की चादर ओढ़ ली, जब प्रकृति ही प्रेममय है तो फिर इस प्रेम से कोई कैसे बचे।

प्रेम, प्यार, उल्फत, मोहब्बत, इश्क व लव

न जाने कितने नाम, लेकिन एहसास एक।

भारत को सोने की चिड़िया क्यों कहते थे | भारत...

मैं भारत हूं जिसकी गोद में नदियां खेलती हैं जिसके पर्वत आसमान के शिखरों पर शोभायमान हैं, मैं ज्ञान हूं, विज्ञान हूं, अनुशासन हूं, नीति हूं, राजनीति हूं, शिक्षा हूं, संयम हूं, धीरता हूं, गंभीरता हूं, मैं ही इस प्रकृति में भूत भविष्य वर्तमान को समाहित किए हुए हूँ मैं भा...

बलिदानी - स्वतंत्रता के नायक

तकलीफ तो होगी साहब ... 
जब सात लाख बत्तीस हजार बलिदानियों को भुला कर आजादी का श्रेय सिर्फ एक परिवार ले रहा था तब हमको भी तकलीफ होती थी ... भारत को आजाद करने के लिए जी नौजवानों ने अपने प्राणों की आहुति दिया उन बलिदानियों को जब आतंकवादी कहा जाता था तब तकलीफ मुझे...

बचपन की सीख | बच्चों को लौटा दो बचपन

बच्चे तो माटी के घड़ों से है उन्हें सही रूप में ढ़ालने का दायित्व अभिभावकों का है। आज व्यस्त जीवनशैली के चलते अभिभावकों के पास समय का अभाव पाया जाता है भौतिक संसाधनों की पूर्ति कर वे अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझते हैं जो पूर्णतः अनुचित है। अभिभावक की उपाधि अपने साथ अ...

सत्संग बड़ा है या तप

हमें अपनी दिनचर्या में से कुछ समय सत्संग के लिये निकालना ही चाहिए यानि हमें नियमित रूप से सत्संग में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी ही है। कभी भी या जब भी, आस-पास कहीं सत्संग हो वहाँ आपको बुलाया नहीं भी हो तो भी शामिल होने में संकोच नहीं करना चाहिये। इसके अलावा सत्संग क...

हर दिन महिला दिन | Women's Day

कहते हैं ना, हर सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है। वैसे ही हर सफल नारी को पुरुष का साथ होता है। इनमें से कई महिलाएं हैं जिनको उनके पिता, पति, पुत्र यहां तक कि अपने ससुर जी का भी साथ, प्रेरणा और प्रोत्साहन मिला है। और जिनके साथ कोई नहीं, उन्हें अपने आपके साथ खड़ा होन...

हिंदी वर्णमाला की संपूर्ण जानकारी | Hindi Var...

मानवो द्वारा व्यक्त की गई ध्वनियों को भाषा कहा जाता है। भाषा विज्ञान के अनुसार मनुष्य के द्वारा प्रकट की गई ध्वनियों को शब्द चिन्ह के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है जिन्हें 

शिक्षक दिवस

भारत में यहाँ के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पाँच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी छोटे बड़े अपने अपने ज़िंदगी में शिक्षक बन के आए हुए व्यक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं । वैसे तो एक इंसान के जीवन में...

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