Bhartiya Parmapara

Admin

Admin
Admin

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat. Duis aute irure dolor in reprehenderit in voluptate velit esse cillum dolore eu fugiat nulla pariatur. Excepteur sint occaecat cupidatat non proident, sunt in culpa qui officia deserunt mollit anim id est laborum. Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat. Duis aute irure dolor in reprehenderit in voluptate velit esse cillum dolore eu fugiat nulla pariatur. Excepteur sint occaecat cupidatat non proident, sunt in culpa qui officia deserunt mollit anim id est laborum. Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat. Duis aute irure dolor in reprehenderit in voluptate velit esse cillum dolore eu fugiat nulla pariatur. Excepteur sint occaecat cupidatat non proident, sunt in culpa qui officia deserunt mollit anim id est laborum.

वंदे मातरम्: राष्ट्रहित की आध्यात्मिक प्रेरणा | भारतीय स्वतंत्रता का प्रतीक

वंदे मातरम्: राष्ट्रहित की आध्यात्मिक प्रेरणा | भारतीय स्वतंत्रता का प्रतीक

“वंदे मातरम्” भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आध्यात्मिक आधार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मातृभूमि को देवी के रूप में पूजने की भावना से ओतप...

लोकतंत्र और भारतीय ज्ञान परंपरा | वैदिक जड़ें, संविधान और आधुनिक भारत

लोकतंत्र और भारतीय ज्ञान परंपरा | वैदिक जड़ें, संविधान और आधुनिक भारत

वैदिक संस्थाएँ: सभा और समिति 
वैदिक काल में सभा (वृद्धजनों की परिषद) और समिति (सामान्य जनसभा) जैसी संस्थाएँ सामूहिक निर्णय का माध्यम होती थीं। ये प्रारंभिक लोकत...

वीर बाल दिवस 26 दिसंबर | साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह की अमर शहादत

वीर बाल दिवस 26 दिसंबर | साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह की अमर शहादत

सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के 9 जनवरी 2022 के प्रकाश पर्व के अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके दो छोटे साहिबजादों की लासानी शहादत को याद कर...

रामचरितमानस में हास्य और व्यंग्य: तुलसीदास की अनोखी रचनात्मकता

रामचरितमानस में हास्य और व्यंग्य: तुलसीदास की अनोखी रचनात्मकता

रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, भारतीय जनमानस का भावनात्मक दस्तावेज भी है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसकी रचना भक्तिभाव से की, परंतु इसमें जीवन के विविध रंग उपस्थित है...

उत्तर भारत में पराली जलाना: किसानों और पर्यावरण के लिए स्थायी समाधान

उत्तर भारत में पराली जलाना: किसानों और पर्यावरण के लिए स्थायी समाधान

पराली जलाने की आग में झुलसता उत्तर भारत : समाधान किसानों और पर्यावरण दोनों के हित में 
हर वर्ष अक्टूबर–नवंबर के महीनों  में पंजाब और...

अज्ञान से ज्ञान की ओर: वैदिक साहित्य में प्रकाश, सद्गुण और श्रेय मार्ग का संदेश

अज्ञान से ज्ञान की ओर: वैदिक साहित्य में प्रकाश, सद्गुण और श्रेय मार्ग का संदेश

वैदिक वाङ्मय में मनुष्य को प्रशस्त्य जीवन शैली के लक्ष्यगत कुवृत्तियों/ बुराइयों से सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया। श्रेय मार्ग का उल्लेख व्यष्टि ही नहीं समष्टि स...

धनतेरस: समृद्धि का नहीं, संवेदना का उत्सव

धनतेरस: समृद्धि का नहीं, संवेदना का उत्सव

धनतेरस का अर्थ केवल ‘धन’ नहीं बल्कि ‘ध्यान’ भी है — ध्यान उस पर जो हमारे जीवन को सार्थक बनाता है। यह त्योहार हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि समृद्धि का असली अर्थ क्य...

भक्ति का सच्चा अर्थ: मंदिरों से आगे, मानवता की ओर

भक्ति का सच्चा अर्थ: मंदिरों से आगे, मानवता की ओर

मंदिर की घंटियों की मधुर गूंज जब किसी नगर की सुबह का आलोक बन जाती है तो लगता है जैसे मनुष्य ने अपनी आत्मा को ईश्वर से जोड़कर जीवन की पहली सांस ली हो। किन्तु, यही नगर जब...

स्वास्थ्य के लिए आंसू क्यों ज़रूरी हैं

स्वास्थ्य के लिए आंसू क्यों ज़रूरी हैं

रोना भी स्वास्थ्य रक्षक सिद्ध हुआ है, जाने कैसे–? 
स्वस्थ जीवन के लिए हंसना बहुत जरूरी है, तो रोग निरशन के लिए रोना भी आवश्यक है। इस आधुनिक जीवन की भागम-भ...

नवरात्रि में कोलू/गोलू: परंपरा और आधुनिकता का संगम

नवरात्रि में कोलू/गोलू: परंपरा और आधुनिकता का संगम

भारत की सांस्कृतिक धारा में नवरात्रि का पर्व एक विशेष स्थान रखता है। जहाँ पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन होता है, वहीं दक्षिण भारत में यह उत्सव अपनी आध्यात्म...

छला समर्पण | परिवार, संवेदना और अवमूल्यन की कथा

छला समर्पण | परिवार, संवेदना और अवमूल्यन की कथा

घर के आँगन में पीपल का पुराना पेड़ खामोशी से खड़ा था। उसकी छाँव में खेलते हुए बीते साल जैसे किसी पुराने संदूक में बंद पड़े थे। इस घर की दीवारों ने न जाने कितनी कहानियाँ...

दक्षिण भारत में रक्षाबंधन का बदलता स्वरूप

दक्षिण भारत में रक्षाबंधन का बदलता स्वरूप

मैं एक दक्षिण भारतीय ब्राह्मण परिवार में जन्म लिया और मेरा जन्मस्थान जयपुर, राजस्थान है। जहाँ एक ओर मैंने उत्तर भारत की रक्षाबंधन की जीवंत परंपरा को महसूस किया, वह...

;
MX Creativity
©2020, सभी अधिकार भारतीय परम्परा द्वारा आरक्षित हैं। MX Creativity के द्वारा संचालित है |