श्रावण मास की शुरुआत के साथ-साथ मंदिरों में 'हर हर महादेव' के जयकारे और शंखों की गूंज से सम्पूर्ण विश्व गुंजायमान होने लगते हैं। ऐसी मान्यता है कि जैसे ही आषाढ़ मास में...
उत्तराखंड को यों ही देवभूमि नहीं कहा जाता, बल्कि यहां के लोकाचार, परम्परायें एवं रीति रिवाज इसको देवभूमि कहलाने की पुष्टि करते हैं। उत्तराखंड के बहुत से गाँवों में ज्ये...
खरबूजा एक मौसमी फल है जो अपनी पौष्टिकता की वजह से आम लोगों की जिंदगी में बहुत महत्व रखता है। इसका पौधा लताओं से भरा होता है। यह पीला या कभी-कभी नारंगी रंग में पाया जाता...
भारतीय भोजन का संग्रह देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। "भारतीय भोजन" शब्द देश के विभिन्न हिस्सों के स्वादों के मिश्रण को दर्शाता है और दुनिया के सुदूर कोनों के...
नवसंवत्सर का जुड़ाव हमारी प्रकृति से है, सृष्टि से है, ऋतुओं से है, जीवों से है, जीवमण्डल से है और धरती से है। ऋतु परिवर्तन प्रकृति का चक्र है। ऋतु का अर्थ है, जो सदा च...
देवांगन समाज में सारे समाजसेवी, माॅं परमेश्वरी जयंती का भव्य आयोजन करते हैं। महीनों पहले ही तैयारियाॅं प्रारंभ हो जाती हैं। कहीं–कहीं अपनी शक्तिनुसार तीन दिवसीय य...
साहित्य, संगीत, ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान के साथ साथ अध्यात्म के साथ भी उत्तराखंड के छोटे से जिले रुद्रप्रयाग का गहरा नाता है। इतिहास के पन्नों को टटोले तो पता चलता है क...
भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से करना - जब कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है। यह भारतीय परम्परा रही है। लो...
राम श्वांस है आश है, राम सत्य का मर्म ।
धुरी राम के नाम की, टिका हुआ है धर्म ।।
समाया राम नाम में , मर्यादा का रूप ।...
