Bhartiya Parmapara

महावीर स्वामी जयंती: उपदेश, पंचशील और अहिंसा...

महावीर स्वामी जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के सिद्धांतों का प्रचार किया, जो आज भी मानवता के कल्...

होली की भाई दूज – भाई-बहन के प्रेम का अमर पर्...

भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म के अनुसार भाई-बहन के प्रेम एवं निश्छल स्नेह को समर्पित तीन तिथियाँ होती हैं—रक्षाबंधन, दीपावली की दूज (यम द्वितीया) एवं होली की भाई दूज। इन तीनों तिथियों का मूल उद्देश्य भाई-बहन के प्रेम को स्थायित्व देना है। हम सभी इस बात से परिचि...

ऋतुओं के संधि काल का पर्व - होली | रंगों और उ...

सतुयग से कलियुग यानि आज तक वसंत ऋतु में सभी सनातन धर्मावलम्बी बच्चे-बूढ़े, सब कुछ संकोच और रूढ़ियाँ भूलकर ढोलक-झाँझ-मंजीरों की धुन के साथ नृत्य-संगीत व रंगों में डूब जो त्योहार पूरे उमंग, जोश व उल्लास के साथ मनाते हैं उसी महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार का नाम है "होली&ldqu...

भाई दूज | यम द्वितीया की कथा, महत्व और परंपरा...

पंच दिवसीय त्यौहार दीपावली के पाँचवें दिन संपूर्ण भारतवर्ष में “भाई दूज” का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भैया दूज को "यम द्वितीया" भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार भैयादूज अथवा यम द्वितीया को मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इ...

सिंदूर खेला

सिंदूर खेला एक खास बंगाली परंपरा है जो दुर्गा पूजा के अंतिम दिन, विजयादशमी को मनाई जाती है। इस रस्म में विवाहित महिलाएं दुर्गा माँ की विदाई से पहले एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर इस शुभ अवसर का जश्न मनाती हैं। यह परंपरा सौभाग्य, समृद्धि, और देवी दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त क...

दीपावली पर बच्चों को देश की संस्कृति एवं परंप...

दीपावली भारत का सबसे बड़ा त्यौहार है। यह हमारी अनूठी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह त्यौहार है - अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक एवं हर्षोल्लास से उत्सव मनाने का अवसर।

दी...

हमारे लोक पर्व - सांझी माता या चंदा तरैया

सांझी माता का पर्व भाद्रपद की पूर्णिमा से लेकर अश्विन मास की अमावस्या तक मनाया जाता है। यह पर्व विशेषकर कुंवारी कन्याओं का होता है और पूरे पितृपक्ष के 16 दिनों तक चलता है। सांझी माता का पर्व विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र, राजस्थान, बुंदेलखंड, गुजरात, मालवा, और निमाड़ में म...

दुर्गा पूजा: अच्छाई की विजय और सांस्कृतिक धरो...

दुर्गा पूजा, भारत के एक प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे देशभर में पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, इसके अलावा ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी इसे बड़े धूमधाम से...

करवा चौथ में चाँद को छलनी से क्यों देखते हैं?

हिन्दू धर्म में अनेक त्यौहार हैं, जिन्हें भक्त, पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाते हैं। हर एक त्यौहार को मनाने एवं पूजने की विधि अलग होती है, जिसका नियमानुसार पालनकर, भक्त उस त्यौहार को संपन्न करते हैं। इन्हीं में से एक त्यौहार है, करवा चौथ। हिन्दू धर्म में करवा चौथ व्रत का...

दीपावली का प्रारंभ दिवस - धनतेरस

धनतेरस कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है इस दिन अर्थात धनतेरस को भगवान धन्वंतरी का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को “धनतेरस अथवा धनत्रयोदशी” के नाम से भी जाना जाता है। भगवान धन्वंतरी के जन्मदिवस होने के कारण भारत सरकार ने इसे "राष...

गणेश उत्सव: महाभारत से उत्पत्ति, आध्यात्मिक म...

पौराणिक काल में एक बार महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना के लिए गणेशजी का आह्नान किया और उनसे महाभारत को लिपिबद्ध करने की प्रार्थना की। गणेश जी ने कहा कि मैं जब लिखना प्रारंभ करूंगा तो कलम को रोकूंगा नहीं, यदि कलम रुक गई तो लिखना बंद कर दूंगा। 

हरतालिका तीज : व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व

हरतालिका तीज वास्तव में 'सत्यम शिवम सुंदरम' के प्रति आस्था और प्रेम का व्यवहार है। वास्तव में हरतालिका तीज सुहागन का त्यौहार है। भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म में महिलाओं के जो विशेष व्रत होते हैं, उसमें हरतालिका तीज का विशेष एवं महत्वपूर्ण स्थान है। अन्य व्रत की अपे...

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